सीता

 दुनिया तो होती ही है लांछन लगाने के लिए

अग्नि परीक्षा दे चुकी आपके आजमाने के लिए

स्वर्ण प्रतिमा बनवाईये अब वामांग बिठाने के लिए

राम से #श्रीराम बनिये, मर्यादा सिखाने के लिए


त्याग रहे हैं दोनों खुद को, बैरी जमाने के लिए

बैचैन ही रहेंगे सदा एक दूजे को पाने के लिए

सालों बाद कभी आपसे मिलने तो ज़रूर आउंगी

आप ही के सामने, धरती में समा जाने के लिए 


राख भी न पायेंगे मेरी, तन पे लगाने के लिए

कौन सा कोना ढूंढेंगे तब, अश्रु बहाने के लिए

उम्र भर श्रापित रही मैं, रानी बस कहाने के लिए

आपका साथ मिला मुझे,,,,बस पूजे जाने के लिए

🙏🙏🙏


#मानवी

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