सावन की खूबसूरती
सुनो,,,
माना के तुम दुखी हो, रो रहे हो
लेकिन ये इतने प्यारे बरसात के मौसम को रोता हुआ काहे बनाये हो,,,,
-मेरे दुख से मौसम भी पिघल गया
-मेरी सिसकियों से बादल का सीना फट गया
-ये आसमान भी मेरे साथ आँसू बहा रहा है
ये नन्ही नन्ही बूँदें कैसे खेलती मुस्कुराती सी ज़मीन पर आती हैं, कितने चेहरों पर मुस्कुराहटें लाती हैं,,,, फिर तुम्हें ये आँसू क्यूँ नज़र आती हैं !!!!
देखो तो,,,,
आसमान ने तुम्हारे लिए आँसू नहीं बल्कि तुम्हारे दुखों का लेप भेजा है,
समेट लो इस मौसम की ठंडक को
मानसून की इन मासूम बूंदों को
इस सोंधी सी महक को आत्मा तक समा लो
याद करो इस मौसम की सुहानी यादों को
इन हवाओं के साथ झूम कर देखो
इन बूँदों के साथ ताल मिलाकर देखो
यादों के साथ साथ पैरों का भी नर्तन करो
इस संगीत में अपना रुदन न भूल जाओ तो कहना
हर बार आँसू ही नहीं होता, पानी का बहना
-विभा
माना के तुम दुखी हो, रो रहे हो
लेकिन ये इतने प्यारे बरसात के मौसम को रोता हुआ काहे बनाये हो,,,,
-मेरे दुख से मौसम भी पिघल गया
-मेरी सिसकियों से बादल का सीना फट गया
-ये आसमान भी मेरे साथ आँसू बहा रहा है
ये नन्ही नन्ही बूँदें कैसे खेलती मुस्कुराती सी ज़मीन पर आती हैं, कितने चेहरों पर मुस्कुराहटें लाती हैं,,,, फिर तुम्हें ये आँसू क्यूँ नज़र आती हैं !!!!
देखो तो,,,,
आसमान ने तुम्हारे लिए आँसू नहीं बल्कि तुम्हारे दुखों का लेप भेजा है,
समेट लो इस मौसम की ठंडक को
मानसून की इन मासूम बूंदों को
इस सोंधी सी महक को आत्मा तक समा लो
याद करो इस मौसम की सुहानी यादों को
इन हवाओं के साथ झूम कर देखो
इन बूँदों के साथ ताल मिलाकर देखो
यादों के साथ साथ पैरों का भी नर्तन करो
इस संगीत में अपना रुदन न भूल जाओ तो कहना
हर बार आँसू ही नहीं होता, पानी का बहना
-विभा
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