अपशकुन

 छींक,,,,

मानी जाती है #अपशकुन

किसी सफर पर जाते वक्त


कल तक तो लगातार छींक आ रही थीं

आज अचानक से थम गयीं

सिर में जम कर बैठ गयी हैं

सीने पर भी कुछ भारी-भारी सा है

लोग कह रहे हैं फेफड़ों में कफ जम गया है

मैं सोचती हूँ कि इतने वक़्त से जो पत्थर सीने पर रखे थी,,,उसका वजन ही बढ़ रहा है शायद !!!


अब इस बेवजह के वजन को छोड़कर

मेरे निकलने का वक़्त हो रहा है

इसलिये छींक भी रुक गयी है

जिससे मेरी अंतिम यात्रा में कोई अपशकुन न हो


जाने कौन सा कमेंट अंतिम हो

जाने कौन सी पोस्ट अंतिम हो


जाने कौन सी साँस..... अंतिम हो 🙏🙏


#कोविड_अटैक

Comments

Popular posts from this blog

सावन की खूबसूरती

2 अक्टूबर