वापसी
क्या वो वापिस आयेगा,,,,
मैं गाऊँ जो नगमें याद में उसकी, क्या वो वापिस आयेगा
या ओढ़ लूँ गहरी खामोशी, तो क्या वो वापिस आयेगा
सोच उसे मैं खिलखिलाऊँ, क्या वो वापिस आयेगा
या ज़ार ज़ार करके रो जाऊँ, तो क्या वो वापिस आयेगा
दर-ब-दर उसे ढूँढने जाऊँ, क्या वो वापिस आयेगा
या तन्हा कोने में छुप जाऊँ, तो क्या वो वापिस आयेगा
रात भर चाँद को तकती जाऊँ, क्या वो वापिस आयेगा
किसी रोज़ अगर मैं उठ न पाऊँ,,,,,,
गहरी नींद सोती ही रह जाऊँ,,,,,,,
तो क्या वो वापिस आयेगा
#मानवी
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