यादें

 वो अपना हक जताना तो चाहते हैं

हक़ दे नही सकते कोई,,,उनकी मजबूरी है

वो मुझसे प्यार पाना तो चाहते हैं

लेकिन खुद का प्यार जताना कहाँ ज़रूरी है

सताने पे उनके जो मैं रूठ जाऊँ

खुद ही जाकर मनाऊँ, उनकी मगरूरी है

गर जीना सीख गई उनके बिना कभी

फासले बन जायेंगे, ये जो अभी थोड़ी सी दूरी है


दिन पे दिन खर्च ही होती जा रही थी

हमने मरके ज़िन्दगी ज़रा सी बचा ली है



बिना हैंडल के कप सी ज़िन्दगी...

किस तरह हैंडल की जाए 🙅


कब से इंतज़ार में थकी हुई सी आँखें

अब सुकून से गहरी नींद सोने का मन है

पता है कि तुझे रोना नही पसंद, फिर भी

एक बात तेरे गले लग कर, रोने का मन है

😢😢


आजकल कोई साथ होकर भी

हर वक़्त याद आता है,,,,

हाँ..... कि मैं #प्रेम में हूँ 💕


कोई ऐसा इंसान,,, 

जो आपको आपसे मिलाये 

जब आप खुद को भूल ही चुके हों, 

तो वो इंसान आपके साथ ही,,,,, आपमें रह जाता है।


मेरी आँखों में बारह महीने रहता है

जो #सावन आया न अभी दुनिया के लिए...


चैन की नींद सोता कौन है

आजकल दिल खोलकर रोता कौन है


खुद को तुझसे बांध लिया है

#बड़ का लगाके फेरा

जनम जनम तक छूटेगा न

#साथ ये तेरा मेरा 💝


वो हरेक को उसके हिस्से का हक़ देता है

उसके #हक़ के हिस्सेदार बहुत हैं 🙂


भीड़ इतनी बढ़ी उसके दिल में

न जाने कहाँ हम खो गए

कभी हक़ से जो #तू कहकर बोलते थे 

आज उनके लिए हम #आप हो गए 😔


उसने दिया था तो समझ लिया 

इतना #हक़,,,जो मेरे नसीब में नहीं था


#न करना सीख लो वक्त पर

कल #हाँ सुनने को तरस जाओगे

आज दिल बना लो पत्थर का 

कल को बिखरने से बच जाओगे


सिकुड़ता जा रहा है मेरी सोचों का दायरा

तुझसे शुरू होकर तुझ पर ही खत्म हो जाता है

चुपचाप दूर जाकर भी देख लिया तुझसे

ये दिल तेरे पास ही कहीं रह जाता है ❤


बिछड़ने का इरादा कर लिया है शायद उसने

रोज़ मुझसे दूर होकर, मुझे जीना सिखा रहा है

यकीन न कर बैठना, आगे से यूँ किसी पर

मुहब्बत फरेब है, ये भरोसा दिला रहा है


होती है सब झूठ ये बेइन्तहां इश्क़ की बातें

आज की इस दुनिया की सच्चाई बता रहा है

कोई साथ नहीं देता....किसी का उम्र भर

वो बेहद करीब आकर,,,बहुत दूर जा रहा है


सुनो.....

धरती की हल्दी की रस्म है आज 🌼

आओ,,,,,दोनों मिलकर थोड़ी सी हल्दी लगा आयें

सुना है दुल्हन के हल्दी लगाते वक़्त जो थोड़ी सी हल्दी खुद को लग जाती है, वो पूरी ज़िंदगी को खुशनुमा कर जाती है

शायद ये हल्दी हमारे रिश्ते को भी सुवासित कर पाये 🌼


सच्चे आँसू लगते नौटंकी, 

झूठी मुस्कुराहट सच्ची लगती है

सुनो,,,,तुम धीमी आंच पर थोड़ा और पकाओ न 🙂🙂

ये मुहब्बत अभी कच्ची लगती है


जो कहते थे....

तुमसे बिना बात किये एक दिन भी कैसे रहेंगे

आज खुद यूँ चुप चुप से बैठे हैं 😢

कोई उनसे कहे कि इतनी खामोशी अच्छी नही

अच्छे लगते हैं जब छेड़ते रहते हैं 😔


होते होंगे कुछ लोग जो, लहरों में डूबे-उतराये हैं

सागर के पास जाकर भी हम तो, 

प्यासे ही वापिस आये हैं....


इतना क्यूट सा गुस्सा है उनका

कि खुद ही बताते हैं,,,"हम गुस्सा हैं"


न जाने कितने मिज़ाज़, कितने रंगों में ढल जाती हूँ

मैं हमेशा मैं नही रहती, हर पल हर घड़ी बदल जाती हूँ

#मैं_मानवी



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