सिर्फ मेरे नाम का
ये पागल दिल भी ना.....
कभी-कभी अजीब सी तमन्नाएं करता है ...
यूं तो चाहती हूँ कि
कभी न पड़े मेरा साया भी,,,तुझपे जिंदगी भर
फिर भी चाहत है.....
कि आखिरी सांस तेरी बांहों में निकले
यूं तो चाहती हूँ कि
जनम-जनम तू ही बने मेरा हमसाया....
फिर भी देखना चाहती हूँ जी भर के
सेहरे में तुझे,,,, तेरी दुल्हन के साथ
यूं तो चाहती हूँ कि
तेरे चेहरे पे मुस्कराहट यूं ही सजी रहे
पर ना जाने क्यूँ देखना चाहती हूँ,,,,,
तेरी आँखों में एक आंसू.,,,,,,
सिर्फ मेरे नाम का .........

बहुत सुंदर रचना
ReplyDeleteधन्यवाद आपका :)
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